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Madam Hakuna Matata Ki Hindi Kahaniya

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This podcast has
15 episodes
Language
Hindi
Explicit
No
Date created
2021/02/09
Latest episode
2021/07/26
Average duration
8 min.
Release period
16 days

Description

रोजमर्रा की बातें, वो लड़ियाना, झूठ-मूठ की शिकायतें, थोड़ी झूठी और ज्यादा सच्ची बच्चे से दिल की चटर-पटर , उलाहने,शिकवे,प्यारभरे वो लम्हें जो जिंदगी की आपा-धापी में कहीँ खो जाते है उन्हें पाइये,महसूस कीजिये "मिसेस हकुना-मटाटा " के साथ ..!!

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प्रेम किसी रिश्ते का मोहताज़ नही होता ।
2021/07/26
आईए सुनते है "अब्बा की कहानी"
एक्सपायर्ड रिश्ते : madam matata
2021/02/25
हम कितने व्यावसायिक होते जा रहे है,दिमाग बड़ा और दिल छोटा होता जा रहा है , मानवीय सम्बन्धों को भी हमनें एक्सपाइरी डेट के साथ टैग कर दिया है ।
वो नही मेरा मगर उससे मोहब्बत है ,तो है
2021/02/24
वो नही मेरा मगर उससे मोहब्बत है ,तो है :शायरा:दीप्ति मिश्रा
अदा है ,ख़्वाब है,तास्किन है,तमाशा है
2021/02/24
अदा है ,ख़्वाब है,तास्किन है,तमाशा है : शायर :आमिर सुहैल
हर एक ज़ख्म ख़ुशनुमा देखे ।
2021/02/22
परवीन शाकिर की एक खूबसूरत ग़ज़ल
ग़ज़ल
2021/02/21
ग़ज़ल #परवीन शाकिर
अक्स-ए-ख़ुशबू हूँ ।
2021/02/19
परवीन शाकिर की एक खूबसूरत ग़ज़ल
मायके की मिठाइ
2021/02/13
पीहर केवल बेटी का होता है ।मायके से जुड़ाव भी केवल बेटिबके हिस्से आता है ,क्योंकि मायका होता ही बेटी का है ।पीहर की कशिश को बयां करती एक भावुक कहानी ,जो दरअसल हर बेटी का अनुभव है
"चाय किसमें बनाई ..?..कुकर में...!!
2021/02/13
और सही भी है ,इतना प्यार   मटाटा निवास में ही हो सकता है  जहाँ "चाय " कुकर में भी  बनाई जाती है😊..!! पति पत्नी के प्यार और शरारत भरे रिश्ते की छोटी सी कहानी ।
उधार का अख़बार
2021/02/13
आखिर पड़ोसी होते,किसलिए है,सुख-दुःख बाँटने के लिए न ,आजकल तो देखिए पड़ोसी धर्म खत्म से हो गया हूं, सब कितने संवेदनहीन हो गए है,  मुझे तो खुशी है कि मैं आपका पड़ोसी हूँ ,अब देखिए न मैं रोज़ आपका अख़बार पढ़ता हूँ, पर क्या आपने कभी मुझे रोका, टोका,नहीँ न, यही तो है पड़ोसी धर्म 
ज़िन्दगी से कुछ लम्हें चुराने पड़ते है ।
2021/02/09
माना कि ज़िन्दगी बहुत तेज़ रफ़्तार से भाग रही है,पर थोड़ा रुकिए ,थोड़ा ठहरिए और इस भागती दौड़ती ज़िन्दगी से कुछ लम्हें अपने लिए चुरा लीजिये ।
तुम हो तो लाइफ झिंगा ला ला है...!
2021/02/09
जब किसी अपने का साथ हो तो ज़िन्दगी आसान और गुलज़ार होती है ।

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