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Ravi Saying

Advertise on podcast: Ravi Saying

Categories
Country
India
This podcast has
24 episodes
Language
Hindi
Publisher
Ravi ranjan
Explicit
No
Date created
2020/07/06
Latest episode
2023/08/16
Average duration
3 min.
Release period
75 days

Description

Poems, stories and Romance !

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मैं सिग्नल हुं
2023/08/16
कभी कभी मैं ट्रैफिक सिग्नल जैसा होता हूं, कभी रुका हुआ,कभी भागता हुआ कभी लाल कभी हरा हो जाता हूं कभी मेरी साईकल के टायर की तरह गोल गोल घूमता रहता किसी एक ही विचार में फिर उसमें ग़लतफ़हमी का स्पीड ब्रेकर आजाता और कभी अपेक्षाओं का पंक्चर पड़ जाता कभी में डामर की तपती सड़क हो जाता और कभी उसी सड़क पर बारिश गिरती है कभी सपनों के जैसे फूलों की बौछार होती कभी कामुक्ता के हॉर्नी हॉर्न बजते चालू सायकिल पर सितारे दिखते ज़ेबरा क्रासिंग पर बिंदास्त चलता कभी, कभी यहाँ रुकना मना है को स्वीकारना पड़ता मैं रास्ता बन जाता हूं पर एक्सप्रेस हाईवे नही बन पाता
तुम्हारी याद
2023/07/31
तुम्हारी याद जैसे बूंदों का समंदर तक का प्रयाण दीवारों में लिखे प्रेमियों के नाम खण्डहरों में होती शाम
मैंने कब कहा
2023/03/06
सर्वेश्वर दयाल सक्सेना लिखित यह मेरी प्रिय कविताओं मेसे एक है
तुम्हारे पास
2022/12/26
तुम्हारे पास क्यों आता हूं ?
दिसंबर-मानव कौल, रवि रंजन
2022/12/14
आज कुछ बेहद नीरस है, जैसे तुम्हारे शरीर के वो बारह तिल वो बारह तिल बारह महीनों की तरह है में हमेशा से साल बचाना चाहता था में कसकर मुट्ठी भींचता मगर हर महीना दो उंगलियों के बीच से हस्ता हुआ फिसल जाता हर बार साल खत्म होने पर जब में मुट्ठी खोलता तो ग्यारह तिल जा चुके होते थे मगर एक दिसंबर न फसा रह जाता था रेखाओं में कहीं हमेशा वो दिल्ली में दिसम्बर की ठंड थी , जब हमने आखरी बार गले लग कर एक दूसरे को विदा कहा था । उस धुंध में तुम्हारे मफ़लर से झाँकता हुआ ।तुम्हारी गर्दन पर बैठा वो दिसंबर का तिल तुम्हारे जाने के बाद रह गया था मेरे पास साल बड़ी आसानी से खत्म हो जाते है मगर दिसंबर हाथ नही छोड़ता है आज भी ।
In your arms,Miklos radnoti,Ravi ranjan
2022/08/23
In your Arms I sleep in your arms, it's quiet. You sleep in my arms, it's quiet. I'm a child in your arms who is silent. You are a child in my arms I listen. You hold me in your arms when I'm afraid. I hold you in my arms. I'm not afraid. In your arms even the great silence of death can't scare me In your arms I'll survive death. It's a dream. -Miklos radnoti
विदा-अशोक वाजपेयी, रवि रंजन
2022/04/17
तुम चले जाओगे पर थोड़ा-सा यहाँ भी रह जाओगे जैसे रह जाती है पहली बारिश के बाद हवा में धरती की सोंधी-सी गंध भोर के उजास में थोड़ा-सा चंद्रमा खंडहर हो रहे मंदिर में अनसुनी प्राचीन नूपुरों की झंकार|
अपनी प्रेमिका से- दुष्यंत कुमार,रवि
2021/10/16
मुझे स्वीकार हैं वे हवाएँ भी जो तुम्हें शीत देतीं और मुझे जलाती हैं किन्तु इन हवाओं को यह पता नहीं है मुझमें ज्वालामुखी है तुममें शीत का हिमालय है।
शहद जब पकेगा,राजेश जोशी,रवि रंजन
2021/09/07
शहद का छत्ता है तुम्हारा प्यार !!!
में अब विदा लेता हूं-पाश-रवि
2021/08/15
पाश ने लिखी हुई मेरी सबसे प्रिय कविताओं में से एक 'अब विदा लेता हूं' ये कविता जब भी पढ़ता हूं में प्यार से भर जाता हूं और खाली भी हो जाता हूं ! कुछ पंक्तियां "मैं शुक्रिया करता हूँ अपने सिर पर ठहर जाने वाली तेरी तरह हल्की और गीतों भरी हवा का जो मेरा दिल लगाए रखती थी तेरे इन्तज़ार में रास्ते पर उगी हुई रेशमी घास का जो तुम्हारी लरजती चाल के सामने हमेशा बिछ जाता था"
हम लड़ेंगे साथी-पाश ,स्वर : रवि रंजन
2021/08/07
हम लड़ेंगे कि लड़े बग़ैर कुछ नहीं मिलता हम लड़ेंगे कि अब तक लड़े क्यों नहीं हम लड़ेंगे अपनी सज़ा कबूलने के लिए लड़ते हुए मर जाने वाले की याद ज़िन्दा रखने के लिए हम लड़ेंगे कविता : हम लड़ेंगे साथी कवि : पाश स्वर : रवि रंजन संगीत : Relent(artist : Kevin MacLeod)
कुणी घर देत का | कुसुमाग्रज | रवि रंजन
2021/05/15
कुणी, घर देता का रे? घर? एका तूफानाला कुणी घर देता का?

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