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Padhaku Nitin

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Rating
★★★★★
4.9
from
7 reviews
Categories
Country
United States
This podcast has
310 episodes
Language
Hindi
Publisher
Aaj Tak Radio
Explicit
No
Date created
2021/07/24
Latest episode
2026/10/22
Average duration
83 min.
Release period
7 days

Description

Padhaku Nitin is a casual and long conversation-based podcast where Aaj Tak Radio host Nitin talks to experts and discuss a wide range of topics like history, war, politics, policy, ideologies, cinema, travelling, sports, nature and everything that is interesting. A single episode of the show can be as enriching as reading four books. As we say in the podcast,Chaar kitaabe padhne jitna gyaan milega Padhaku Nitin mein. कब कोई हक़ीक़त से मिथक बन जाता है? क्यों कोई कहानी सदियाँ पार करके हमारे सिरहाने आ बैठती है? कुछ नाम तो इंसानों की कलेक्टिव मेमोरी का हमेशा के लिए हिस्सा बन जाते हैं लेकिन पूरी की पूरी सभ्यता चुपचाप कैसे मिट जाती है? भाषा के ग्रामर से मिले कब, क्यों, कैसे, कहां, किसने ऐसे शब्द हैं जो सेंटेंस में जुड़ जाएँ तो सवाल पैदा करते हैं और सवालों के बारे में आइंस्टीन ने कहा था- The important thing is not to stop questioning. पढ़ाकू नितिन ऐसा ही पॉडकास्ट है जिसमें किसी टॉपिक का रेशा रेशा खुलने तक हम सवाल पूछने से थकते नहीं.

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Mahabharat की Real Locations के नीचे क्या दबा मिला? ASI DG Sanjay Manjul Unfiltered : Padhaku Nitin
2026/10/22
इंसान हमेशा से अपने अतीत को जानने के लिए उत्सुक रहा है। हमारी सभ्यताएँ कैसे विकसित हुईं? हमारे पूर्वज कैसे रहते थे? और ज़मीन की परतों में दफ़्न कौन-से ऐसे राज़ हैं, जो भारत के इतिहास को देखने का हमारा नज़रिया बदल सकते हैं? इस बार Padhaku Nitin Podcast में हमारे साथ हैं Archaeological Survey of India (ASI) के Additional Director General (Archaeology), Dr. Sanjay Kumar Manjul। करीब तीन साल पहले संजय जी से हमारी बातचीत सिनौली की खुदाई और वहाँ मिले रथों व हथियारों पर हुई थी। इस बार हम भारत की दूसरी महत्वपूर्ण पुरातात्विक साइट्स की पड़ताल कर रहे हैं। इस एपिसोड में जानिए: 🔸 राखीगढ़ी (Rakhigarhi): हड़प्पा सभ्यता की इस महत्वपूर्ण साइट पर अब तक क्या मिला है? कौन-से रहस्य अब भी अनसुलझे हैं? 🔸 सिनौली (Sinauli): यहाँ मिले रथों और हथियारों ने प्राचीन भारत के इतिहास को लेकर क्या नई बहसें छेड़ीं? 🔸 द्वारका (Dwarka): समुद्र के भीतर और आसपास मिले पुरातात्विक साक्ष्य हमें क्या बताते हैं? 🔸 एलिफ़ेंटा की गुफ़ाएँ (Elephanta Caves): इन प्राचीन गुफ़ाओं का इतिहास और इनके निर्माण से जुड़े सवाल क्या हैं? 🔸 गोलकुंडा (Golconda): इस ऐतिहासिक क्षेत्र की पुरातात्विक अहमियत क्या है? 🔸 ASI की खुदाइयाँ: हाल के वर्षों में भारतीय पुरातत्व में क्या नई खोजें हुई हैं और भविष्य में कौन-सी खुदाइयाँ इतिहास की हमारी समझ को बदल सकती हैं? दशकों के अनुभव और देश की अलग-अलग पुरातात्विक साइट्स पर काम करने वाले डॉ. संजय कुमार मंजुल के साथ इस बातचीत में समझेंगे कि Archaeology यानी पुरातत्व का विज्ञान कैसे काम करता है, किसी खोज से इतिहास के बारे में हमारी धारणाएँ कैसे बदलती हैं और किसी ऐतिहासिक दावे को प्रमाणित करने के लिए किस तरह के साक्ष्यों की ज़रूरत होती है। 📌 Padhaku Nitin को Subscribe करें ऐसी ही दिलचस्प बातचीत, इतिहास की अनसुनी कहानियों और दुनिया को समझने वाले नए नज़रियों के लिए।
Jantar Mantar की असली कहानी: Raja Jai Singh की Laboratory या Indian Protest का मंदिर? : Padhaku Nitin
2026/10/16
क्या इंसान को जीने के लिए सिर्फ़ खाना और पानी चाहिए? अगर ऐसा होता, तो न्याय की माँग करते हुए लोग अनशन क्यों करते? भारत में जब भी किसी ने अपने हक़ और इंसाफ़ के लिए आवाज़ उठाई, तो दिल्ली के एक ठिकाने का नाम बार-बार सामने आया — जंतर-मंतर। पिछले तीन दशकों में किसान आंदोलन से लेकर पहलवानों के प्रदर्शन, बेरोज़गार युवाओं की माँगों से लेकर निर्भया को इंसाफ़ दिलाने की लड़ाई तक, जंतर-मंतर ने कई आंदोलनों को आवाज़ दी है। लेकिन आज यही जगह एक नई बहस के केंद्र में है। चर्चा है कि यहाँ प्रदर्शनों की इजाज़त पर रोक लग सकती है। मगर जिस जंतर-मंतर को हम आज विरोध और प्रतिरोध की जगह के तौर पर जानते हैं, उसकी अपनी कहानी क्या है? इसे किसने बनवाया? इसका नाम जंतर-मंतर क्यों पड़ा? और आख़िर यह है क्या — मंदिर, किला या कोई ऐसी इमारत, जिसका असली मक़सद हम भूल चुके हैं? इस एपिसोड में समझेंगे जंतर-मंतर का इतिहास, विज्ञान से उसका हैरतअंगेज़ रिश्ता और उन इमारतों की कहानी, जो इससे प्रेरित होकर बनाई गईं। जानेंगे कि सदियों पहले बने इन विशाल उपकरणों का इस्तेमाल खगोलीय घटनाओं को समझने और समय मापने के लिए कैसे किया जाता था। इस ऐतिहासिक सफ़र में हमारे साथ हैं इतिहासकार और वास्तुकार अनीशा मुखर्जी, जो Jantar Mantar, Maharaja Sawai Jai Singh’s Observatory in Delhi की लेखिका हैं। देखिए पढ़ाकू नितिन का यह ख़ास एपिसोड और जानिए उस जंतर-मंतर की कहानी, जिसे आज हम विरोध प्रदर्शनों के लिए जानते हैं, लेकिन जिसकी पहचान कभी विज्ञान और खगोलशास्त्र से जुड़ी थी।
Draupadi की बेइज़्ज़ती, Gandhari की Insecurity, Kunti का Virginity वरदान: Padhaku Nitin
2026/10/15
महाभारत की कहानी को अगर स्त्रियों की नज़र से देखा जाए, तो क्या कुछ बदल जाएगा? क्या द्रौपदी, गांधारी, कुंती और सत्यवती की नज़र से महाभारत की नई परतें खुलती हैं? क्या इस महागाथा की स्त्रियां महज़ निमित्त मात्र थीं, या उनके बिना महाभारत की कहानी अधूरी है? इतिहास हो, कोई घटना या कोई किरदार—उसे समझने के लिए अलग-अलग नज़रियों से देखना ज़रूरी है। आचार्य चतुरसेन ने अपने उपन्यास ‘वयं रक्षामः’ में रामायण की कहानी को रावण के नज़रिए से देखा, तो मैथिलीशरण गुप्त ने अपनी कृति ‘यशोधरा’ में बुद्ध की कहानी को उनकी पत्नी यशोधरा की नज़र से प्रस्तुत किया। तो फिर महाभारत को उसकी स्त्रियों की नज़र से पढ़ने पर क्या दिखाई देता है? इस महागाथा में द्रौपदी, गांधारी, कुंती, गंगा, अंबा, अंबालिका, सत्यवती, माद्री और उत्तरा जैसी स्त्रियों की अपनी इच्छाएं, संघर्ष, दर्शन और सवाल क्या थे? क्या वे केवल पुरुषों के फैसलों और युद्धों के बीच मौजूद पात्र थीं, या महाभारत की पूरी कहानी को दिशा देने में उनकी भी निर्णायक भूमिका थी? पढ़ाकू नितिन के इस एपिसोड में बात महाभारत की स्त्रियों की। उनके मन, उनके दर्शन, उनकी पीड़ा, उनके संघर्ष और उनके किरदारों की उन परतों को समझने की कोशिश, जिन पर अक्सर पर्याप्त चर्चा नहीं होती। हमारे साथ हैं सुमन केशरी जी, जो पिछले तीन दशकों से महाभारत की स्त्रियों पर लेखन और चिंतन कर रही हैं। उन्होंने इन स्त्रियों पर कविताएं लिखी हैं, नाटक रचे हैं और उनके जीवन-दर्शन को समझने की कोशिश की है। उनके नाटकों में गांधारी, हिडिंबा और सावित्री जैसे पात्रों की दुनिया खुलती है, जबकि उनके कविता-संग्रह ‘निमित्त नहीं’ की कविताएं इन स्त्रियों के अनुभवों और अस्तित्व को समर्पित हैं। क्या महाभारत की स्त्रियां सचमुच निमित्त मात्र थीं? या फिर उनकी कहानियों को समझे बिना हम महाभारत को पूरी तरह समझ ही नहीं सकते? सुनिए पढ़ाकू नितिन का यह विशेष एपिसोड।
Gandhi Decoded: मुस्लिम तुष्टिकरण, नास्तिकता, अहिंसा, ब्रह्मचर्य, हिंदुत्व Ft. Purushottam Agrawal : Padhaku Nitin
2026/10/02
Gandhi पर इतनी किताबें लिखी जा चुकी हैं कि लगता है अब उनके बारे में कुछ नया कहने को बचा ही नहीं। फिर भी आज गांधी या तो बिना सवाल के ‘महात्मा’ हैं, या सोशल मीडिया पर गाली देने के लिए आसान निशाना। प्रोफेसर पुरुषोत्तम अग्रवाल की किताब ‘मजबूती का नाम महात्मा गांधी’ इन दोनों आसान रास्तों से अलग गांधी को समझने की कोशिश करती है। इस बातचीत में 1947 की वही पुरानी बहस नहीं, बल्कि गांधी के दिमाग, अंतर्विरोध, ज़िद और दर्शन को समझने की कोशिश है। क्या गांधी की अहिंसा आम इंसान के बस की थी? क्या उनका आधुनिकता-विरोध एक खूबसूरत भ्रम था? खुद को गर्व से हिंदू कहने वाले गांधी पर मुस्लिम तुष्टिकरण और हिंदू-विरोधी होने के आरोप क्यों लगे? और गांधी की ‘मजबूती’ उनकी ताकत थी या हठधर्मिता? इन्हीं असहज सवालों के जवाब देने के लिए हमारे साथ हैं प्रोफेसर पुरुषोत्तम अग्रवाल—पूर्व JNU प्रोफेसर, लेखक, कबीर और भारतीय साहित्य के गहरे अध्येता और UPSC के पूर्व सदस्य। आइए, गांधी को न भक्त की तरह, न विरोधी की तरह बल्कि सवाल पूछने वाले की तरह समझने की कोशिश करते हैं।
Gandhi का अंतिम साल: बेटे का धोखा, ब्रह्मचर्य की सनक और Patel से नाराज़गी! : Padhaku Nitin Podcast
2026/10/01
कोई विचार कालजयी है या नहीं—ये कौन तय करता है? बीतता हुआ समय? आने वाली पीढ़ियाँ? या फिर वो लोग, जो हर नए दौर में उस विचार में अपने समय के सवालों का जवाब ढूंढते हैं? अगर कोई विचार समय बीतने के साथ और ज़्यादा relevant होता जाए, और ज़्यादा लोग उससे connect करने लगें—तो क्या इसका मतलब है कि वो विचार महान भी है और ज़रूरी भी? हम गांधी के देश में रहते हैं। जब भी कोई आंदोलन होता है, जब भी अहिंसा, सत्याग्रह या नागरिक प्रतिरोध की बात होती है, गांधी का नाम सामने आता है। लेकिन इसके साथ एक सवाल भी उठता है—**आज के समय में गांधी का तरीका कितना relevant है?** 2 अक्टूबर, गांधी जयंती के आसपास रिकॉर्ड किए गए इस खास एपिसोड में हम इसी सवाल को तलाशने की कोशिश कर रहे हैं। इस बातचीत की शुरुआत हुई एक किताब से—**‘गांधी का सैंतालीस’**, जिसे लिखा है वरिष्ठ पत्रकार **पुष्यमित्र** ने। लेकिन सवाल ये है कि **2026 में 1947 के गांधी की बात करना क्यों ज़रूरी लगा?** 1947 में देश आज़ाद हुआ, लेकिन उसी साल भारत ने विभाजन, सांप्रदायिक हिंसा और विस्थापन की भयानक त्रासदी भी देखी। उस दौर में गांधी सत्ता के केंद्र में नहीं, बल्कि उन जगहों पर मौजूद थे जहाँ समाज सबसे ज्यादा टूट रहा था—नोआखाली से लेकर दिल्ली तक। पुष्यमित्र ने 1947 के गांधी को फिर से पढ़ने की जरूरत क्यों महसूस की? उस गांधी से आज हम क्या सीख सकते हैं? क्या गांधी का सत्य, अहिंसा और सामाजिक सद्भाव का विचार आज भी उतना ही relevant है? और क्या गांधी को समझने के लिए उनके समर्थकों से ज्यादा उनके आलोचकों को सुनना जरूरी है? किताब पढ़ते हुए मेरे मन में एक एहसास आया—**शायद गांधी सिर्फ अपने समर्थकों के नहीं थे। शायद वो अपने आलोचकों के और भी करीब रहना चाहते थे।** इन्हीं सवालों और क़िस्सों के साथ यह बातचीत। गांधी में जिज्ञासा रखते हैं, तो ये पॉडकास्ट सुनिए। गांधी से असहमति रखते हैं, तो ये पॉडकास्ट और भी ज़रूर सुनिए। क्योंकि किसी विचार को समझने का सबसे अच्छा तरीका शायद उसे मान लेना नहीं, बल्कि उससे सवाल करना है।
Dhurandhar का आंखों देखा सच, USA का पतन और कैसे होता है Nation का Rise & Fall? : Padhaku Nitin
2026/09/24
इंसान कई तरीकों से सीखता है. कभी सवाल करके, कभी Experiment करके और कभी दूसरों को देखकर. अब राष्ट्रों का भी यही हिसाब समझ आता है, वो भी ऐसे ही सीखते हैं. और जैसे राष्ट्र सीखता है, वैसे ही राष्ट्र के Citizens भी. अगर आपको ये सवाल परेशान करते हैं या जिज्ञासा पैदा करते हैं कि आखिर देश चलता कैसे है, Policy बनती कैसे है? सही विदेश नीति क्या होती है, गलत विदेश नीति क्या होती है? देश अपने Rise पर है या Fall पर? तो ये किताब आपके लिए है….How Nations Fail and the Unmaking of America’s World. इस किताब को लिखा है Former Diplomat Rajiv Dogra ने. Padhaku Nitin के इस एपिसोड में हम Rajiv Dogra ये भी जानेंगे कि भारत-पाकिस्तान के बीच कश्मीर को लेकर वो कौन-सी Secret Deal थी? क्या Trump अमेरिका को पतन की ओर ले जा रहे हैं? China क्या सच में Superpower बन चुका है? और Russia ने आखिर अपना Superpower का दर्जा कैसे खो दिया? साथ ही समझेंगे Nations के Rise & Fall, Foreign Policy और Power Politics का वो खेल, जो तय करता है कि कोई देश दुनिया में ऊपर उठता है या धीरे-धीरे अपनी ताकत खो देता है.
9/11 से जुड़ी Conspiracy Theories का सच क्या है? : Padhaku Nitin
2026/09/11
11 सितंबर 2001. चार commercial planes hijack हुए। दो विमानों ने New York के World Trade Center के Twin Towers को टक्कर मारी। तीसरा विमान Washington D.C. के Pentagon से टकराया। और चौथा विमान Pennsylvania में crash हुआ। लेकिन 9/11 सिर्फ एक terrorist attack नहीं था। यह एक ऐसा moment था जिसने अमेरिका की foreign policy, Middle East की geopolitics, Afghanistan और Pakistan के साथ उसके रिश्तों और पूरी global security व्यवस्था को बदल दिया। इस episode में हम 9/11 को सिर्फ एक घटना की तरह नहीं, बल्कि एक पूरे operation की तरह decode करने की कोशिश करेंगे। आखिर उस दिन सुबह से लेकर आखिरी plane crash तक क्या हुआ? 19 hijackers कौन थे? उन्होंने चारों planes पर control कैसे हासिल किया? Al-Qaeda ने इतने बड़े और complex operation की planning कैसे की? क्या American intelligence agencies को पहले से कुछ warnings मिली थीं? Phoenix Memo और August 6 PDB में क्या लिखा था? Moussaoui का laptop investigation में इतना महत्वपूर्ण क्यों बना? उस दिन NORAD और US air defence system ने क्या किया? और सबसे बड़ा सवाल—इतनी सारी warnings के बावजूद attack को रोका क्यों नहीं जा सका? हम यह भी समझेंगे कि 9/11 के बाद अमेरिका ने War on Terror क्यों शुरू किया, Afghanistan में Taliban और Al-Qaeda के खिलाफ युद्ध कैसे शुरू हुआ और कुछ साल बाद Iraq War ने Middle East को किस तरह बदल दिया। और इस पूरी कहानी में Pakistan की भूमिका क्या थी? 25 साल बाद पीछे मुड़कर देखें तो सवाल सिर्फ यह नहीं है कि 9/11 को क्या हुआ था। सवाल यह भी है कि 9/11 के बाद दुनिया क्या बन गई? इस episode में Defence Journalist Sandeep Unnithan के साथ हम 9/11 की chronology, planning, intelligence failures, American response और पिछले 25 वर्षों में बदली global geopolitics को समझने की कोशिश करेंगे। इस episode में जानिए: • 9/11 की पूरी chronology • 19 hijackers और Al-Qaeda की planning • चारों hijacked flights की कहानी • Twin Towers और Pentagon पर हमला कैसे हुआ • Phoenix Memo और August 6 PDB क्या थे? • Moussaoui और उसके laptop का connection • NORAD और अमेरिकी air-defence response • Intelligence failure: warnings के बावजूद attack क्यों नहीं रुका? • Osama bin Laden और Al-Qaeda का role • Afghanistan में War on Terror • Pakistan और 9/11 के बाद की geopolitics • Iraq War और Middle East पर उसका असर • Guantanamo Bay, surveillance और global security • और 25 साल बाद—9/11 ने दुनिया को कितना बदल दिया? एक attack, चार planes, हजारों lives और उसके बाद शुरू हुई एक ऐसी global war जिसका असर आज भी दुनिया पर दिखाई देता है। Producer: Manav Dev Rawat Host: Nitin Thakur Sound: Suraj Singh
मुगलों से अंग्रेजों तक: कैसे बदली दिल्ली? Chandni Chowk, उजड़े किलों से लेकर राष्ट्रपति भवन तक की कहानी Ft. Swa
2026/09/10
दुनिया को एक Tourist की नज़र से नहीं, बल्कि एक इतिहासकार की नज़र से देखना एक Interesting Choice हो सकता है. इसलिए जब भी कहीं आप घूमने जाएं, तो उस जगह के इतिहास को पढ़कर जाएं - ताकि कोई कहानी, कोई किस्सा और कोई महत्वपूर्ण detail मिस न हो जाए. दिल्ली सिर्फ भारत की राजधानी नहीं, बल्कि कई सदियों और कई शहरों की कहानी अपने भीतर समेटे हुए है. लाल किले और Chandni Chowk से लेकर दिल्ली के उजड़े किलों तक, इस शहर की हर इमारत के पीछे इतिहास की एक दिलचस्प कहानी छिपी है. इस एपिसोड में जानेंगे कि राष्ट्रपति भवन सांची स्तूप जैसा क्यों दिखाई देता है? दिल्ली के किलों का इतिहास क्या है? मुगलों से लेकर अंग्रेजों तक दिल्ली कैसे बदली? शाहजहां, मुमताज, औरंगजेब और नादिर शाह ने दिल्ली की कहानी को कैसे बदला? और Chandni Chowk से लेकर ब्रिटिश राज में बने राष्ट्रपति भवन तक, आज की दिल्ली आखिर कैसे बनी? Padhaku Nitin के इस खास एपिसोड में Historian Swapna Liddle के साथ जानिए दिल्ली के इतिहास की ऐसी ही अनसुनी और दिलचस्प कहानियां. Credits: Producer: Manoj Rajpurohit Host: Nitin Thakur Sound: Rohan Bharti
Lal Kot से लेकर Shahjanabad तक: Delhi के 7 किलों में छिपा है पूरा इतिहास Ft. Swapna Liddle : Padhaku Nitin
2026/09/03
दुनिया को एक Tourist की नज़र से ना देखकर, एक इतिहासकार की नज़र से देखना एक Interesting Choice साबित हो सकता है. इसलिए Padhaku Nitin का हमेशा से एक मानना रहा है कि जब भी कहीं घूमो, तो पढ़ लिखकर घूमो ताकि कोई डिटेल मिस न हो जाए। ताकि कोई कहानी कोई किस्सा, मिस न हो जाए। आप में से बहुत सारे लोग दिल्ली आये होंगे, कभी काम से, कभी रहने, या उसके बारे में ऐतिहासिक किस्से भी सुने ही होंगे। अगर नहीं आए हैं तो जरूर आइए। यहां घूमिये, क्योंकि अगर आप हिस्ट्री प्रेमी हैं तो दिल्ली से दूर नहीं रह सकते। Padhaku Nitin के इस एपिसोड में कोशिश है कि दिल्ली की इस कहानी को 8 शहरों की कहानी के ज़रिए समझा जाए। कैसे तोमरों चौहानों की बसाई ढिल्लिका, सिरी, तुगलकाबाद, दीनपनाह, शाहजहानाबाद और आखिर में दिल्ली बनी! और ये कहानी सुनाने के लिए हमारे साथ है दिल्ली के इतिहास पर कम से कम आधा दर्जन किताब लिखने वाली हिस्टोरियन स्वप्ना लिडल। उनका स्वागत। आपका स्वागत है और एपिसोड दो हिस्सों में है, मन लगाकर सुनियेगा इस एपिसोड का अगला हिस्सा मिलेगा अगले हफ़्ते! Credits: Producer: Manav Dev Rawat Host: Nitin Thakur Sound: Rohan Bharti
यहां मिलेगी Operation Sindoor Documentary के आगे की कहानी! : Padhaku Nitin Podcast
2026/08/27
Discovery ने 15 Aug को एक 2 part की Documentary Series रिलीज़ की है, Operation Sindoor पर. जिसका नाम है Declassified. Operation Sindoor मई 2025 में हुआ था, आपने हमने.. सबने उसे अपनी स्क्रीन्स पर देखा ही था.. लेकिन तबसे लेकर अब तक Operation से जुड़ी ऐसी बहुत सी Details थीं जो अबतक सामने नहीं आईं थीं. Declassified उनमें से कुछ पर बात करती है. कुछ का इशारा करती है. लेकिन जब हमने वो documentary देखी तो महसूस हुआ कि इससे अब भी ऐसे बहुत से सवाल निकलते हैं. जिनका जवाब मुझे तो नहीं मालूम.. आपको भी शायद ना हो. तो Padhaku Nitin के इस एपिसोड में इन्हीं सवालों के जवाब पाने की कोशिश में हैं हम. साथ में हैं Senior Defence Journalist Sandeep Unnithan. आख़िरी बार इनसे जब ऑपरेशन सफ़ेद सागर पर बात की थी तो आपको बहुत पसंद आई थी.. इस बार भी एपिसोड अंत तक सुनिएगा. Credits: Producer: Manav Dev Rawat Host: Nitin Thakur Sound: Suraj Singh
Population Problem के नाम पर आपको ये झूठ पढ़ा रही है सरकार! : Padhaku Nitin
2026/08/20
एक ज़माना था तब किसी देश के ताकतवर होने में एक अहम Factor होती थी उसकी Population. जिसकी जितनी Population उसकी उतनी बड़ी आर्मी.. उतने उसके पास काम करने वाले हाथ.. यानि एक बड़ा Asset. लेकिन बदलती दुनिया और बदलती कंडिशन के साथ.. हालात कुछ बदले भी हैं, अब Population हर सिर्फ़ एक Asset या Resource नहीं है. कई बार ये Liability भी है. कई सरकारों के लिए लगातार चिंता का विषय भी बना हुआ है.. ये Population भी अजीब चीज़ हुई है.. जिसके पास कम है.. वो बढ़ाने के लिए पैसा लगाने को तैयार है.. जैसे रूस, साउथ कोरिया.. दूसरी तरफ़ जिनके पास बहुत रहा.. उन्होंने इसे कंट्रोल करने के लिए पैसा लगाया.. जैसे चीन और एक दौर में भारत भी.. और जिन देशों ने अपने एक Asset को मैनेज करना सीख लिया.. उनकी हो गई चांदी.. तो आज पढ़ाकू नितिन के इस एपिसोड में Population को ही समझते हैं.. किसी के लिए Asset.. किसी के लिए Liability क्यों हैं? एक तरफ़ लगातार बढ़ती Population लेकिन दूसरी तरफ़ लगातार गिरती Fertility Rate.. चिंता का विषय क्यों है.. ऐसा क्यों है कि कुछ देश इतने भारी है जनसंख्या के लिहाज़ से.. कुछ इतने हल्के क्यों? क्योंकि ये बात वो है जो सड़क से लेकर संसद तक.. घर से लेकर Policy level तक. एक सबसे इंपोर्टेंट फैक्टर है. समझाने के लिए हमारे सामने हैं इन मामलों की एक्सपर्ट पूनम मुतरेजा.. Population Foundation of India नाम के Think Tank की Executive Director. ActionAid International and ActionAid India की Governing Council and Board Member.. National Academies of Sciences, Engineering, and Medicine (Washington DC) की भी मेंबर रहीं. और Grassroot लेवल पर घूम कर इस मुद्दे को समझा… Credits: Producer: Manav Dev Rawat Host: Nitin Thakur Sound: Rohan Bharti
Asstag की कहानी, मोहल्ले के क़िस्से और UP-Bihar वालों की Insecurity Ft. Kushal Dubey : Padhaku Nitin
2026/08/13
Asstag का नाम सुना होगा आपने.. कमाल का कंटेट बनाते हैं ये … अगर नहीं देखा है.. तो खोज के देखिए.. क्योंकि Asstag की कहानी इस बात का प्रमाण है.. अब हर टैलेंट को मुंबई का मुंह नहीं ताकना पड़ता.. अब रास्ते खोजे ही नहीं.. खोदे भी जा सकते हैं. और आज हमारे साथ हैं इसी Asstag के Cofounder.. Content Creator.. क्रिकेटप्रेमी.. और शानदार Actor, Kushal Dubey. एक छोटा सा डिस्कलेमर दे दूं आपको.. Kushal के बारे में कल रात पढ़ते हुए मुझे यही समझ आया है कि Instagram पर आपको हंसाने वाले Kushal की Personality का सिर्फ़ एक हिस्सा है Asstag का कंटेंट.. क्योंकि यही कुशल, एक रंगकर्मी रहे हैं. Bhartendu Natya Academy में एक्टिंग की पढ़ाई की है.. गलियों में नुक्कड़ नाटक से लेकर.. स्टेज पर जयशंकर प्रसाद के नाटक करने तक. सुनने में आया है तगड़े फिल्मची है.. एक फिल्म ‘संतोष’ के चलते कान्स का मुंह भी देख आएं हैं. मुंह दिखाई नाम की एक शानदार यूट्यूब सीरीज़ भी बना चुके हैं. तो Padhaku Nitin के इस एपिसोड में Kushal Dubey से सिर्फ़ Acting की बात ही नहीं.. सुनिए उन किताबों, नाटकों, संगीत, सिनेमा और जौनपुर के उन किरदारों की.. जिन्होंने Kushal Dubey को बनाया.. Credits: Producer: Manav Dev Rawat Host: Nitin Thakur Sound: Suraj Singh
Op. Safed Sagar: Pakistan का Secret Plan और IAF के सबसे खतरनाक Mission से कैसे पलटा Kargil War?
2026/08/06
साल 1999 का कारगिल युद्ध सिर्फ पहाड़ों पर नहीं, बल्कि आसमान में भी लड़ा गया था. भारतीय वायुसेना को 18,000 फीट की ऊंचाई पर बेहद मुश्किल हालात में लड़ना पड़ा. सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि दुश्मन पर हमला करना था, लेकिन लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) पार नहीं करनी थी. इसी मिशन को नाम दिया गया ऑपरेशन सफेद सागर (Operation Safed Sagar). इस एपिसोड में जानिए कि पाकिस्तान ने कारगिल की योजना कैसे बनाई, भारतीय वायुसेना को कब और क्यों बुलाया गया, मिराज-2000 ने युद्ध का रुख कैसे बदल दिया, टाइगर हिल पर हुई एयर स्ट्राइक क्यों इतनी अहम थी और इज़राइल ने भारत की किस तरह मदद की. साथ ही समझिए कि भारतीय पायलटों ने LoC पार किए बिना दुश्मन के ठिकानों को कैसे निशाना बनाया. इन सभी सवालों के जवाब देने के लिए हमारे साथ हैं सीनियर डिफेंस जर्नलिस्ट संदीप उन्नीथन, जिन्होंने कई सालों तक भारत की डिफेंस और सिक्योरिटी को कवर किया है. अगर आप कारगिल युद्ध और भारतीय वायुसेना के सबसे अहम ऑपरेशन की पूरी कहानी जानना चाहते हैं, तो इस एपिसोड को आखिर तक ज़रूर देखें. Producer: Manoj Rajpurohit Host: Nitin Thakur Sound: Rohan Bharti
Padhaku Nitin में लगी SK Sir की Class: RJ से Aspirants तक, TVF और Anurag Kashyap के मज़ेदार किस्से
2026/07/30
Aspirants TVF की उन चुनिंदा web series में से एक है, जिसे एक बार देखने के बाद उसके किरदार और उनकी कहानियां लंबे समय तक आपके साथ ठहर जाती हैं. Old Rajinder Nagar में रहकर UPSC की तैयारी करते तीन दोस्तों की कहानी ने लाखों दर्शकों को खुद से जोड़ा. इसी दुनिया में एक किरदार था Shwetketu Jha यानी SK Sir का - स्टूडेंट्स के बीच पॉपुलर, दोस्तों और रिश्तों की उलझनों के बीच फंसा एक ऐसा किरदार, जिसने अपनी सादगी और emotions से दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी. Padhaku Nitin के इस episode में हमारे साथ हैं Abhilash Thapliyal. बातचीत सिर्फ Aspirants या SK Sir तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उनके पूरे सफ़र को पढ़ने की कोशिश होगी - RJ की दुनिया से acting तक, TVF के किस्से, Aspirants का सफ़र, Anurag Kashyap के साथ काम करने का अनुभव और फिल्मों की दुनिया के Behind-the-Scenes किस्से. Credits: Producer: Manoj Rajpurohit Host: Nitin Thakur Sound: Suraj Singh
Delhi, Bengaluru क्यों बसे और क्यों उजड़ गया Hampi? Untold History of Indian History
2026/07/23
पैसा और व्यापार... दुनिया की असली ताकत यही है. लेकिन जब हम इतिहास की बात करते हैं, तो अक्सर इस सबसे अहम पहलू को नज़रअंदाज़ कर देते हैं. हम राजाओं के युद्ध, संधियां, नीतियां और राजनीति तो याद रखते हैं, लेकिन भूल जाते हैं कि इन सबके पीछे भी आखिरकार पैसा ही काम कर रहा था. इतिहास को देखने का यही नया नज़रिया देती है 'The Wealth Networks'. ये किताब इतिहास के बारे में बता तो रही है, लेकिन एक नई अप्रोच के साथ. लेखक का कहना है कि अगर इतिहास को सच में समझना है, तो पैसे का रास्ता ट्रेस कीजिए. जहां पैसा गया, वहीं इतिहास बना. आख़िर दिल्ली, मुंबई, पुणे, हैदराबाद और तिरुपति जैसे शहर वहीं क्यों बसे? एलोरा और अजंता की गुफाएं उसी जगह क्यों बनीं? खजुराहो वीरान क्यों हो गया? और स्ट्रेट ऑफ़ होर्मूज़ आज जो अहम है, ये इतिहास में इतना अहम क्यों था? इन्हीं सवालों के जवाब देंगे 'The Wealth Networks' के लेखक अक्षय चव्हाण, इस खास बातचीत में. Credits: Producer: Manoj Rajpurohit Host: Nitin Thakur Sound: Suraj Singh

Podcast reviews

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4.9 out of 5
7 reviews
★★★★☆
Anne00Ri 2026/03/19
Episode on Bondi Beach
The show is good and I admire the large variety of topics that Nitin tackles in this Podcast.
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