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DHADKANE MERI SUN

Advertise on podcast: DHADKANE MERI SUN

This podcast has
149 episodes
Language
Hindi
Explicit
No
Date created
2023/03/05
Latest episode
2026/01/26
Average duration
23 min.
Release period
15 days

Description

Self composed various aspects of love, various feelings, sensations and colors of love with enchanting and melodious words of Hindi and Urdu language have been presented in a very poetic manner in every episode of this podcast . All the episodes of this podcast are solemnly dedicated to all the lovers just as the cycle of love never ends in the same way these love lyrics episode will move on, move on and move...

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Tera vada
2026/01/26
तूने कहा था..... रस्मों में तू  रिवाजों में तू तू ही कसम  इरादों में तू धड़कन धड़कन साँसे भी तेरी  ....फिर भी भुला दिया तूने      रुला दिया तूने      वफाओं का ये कैसा      सिला दिया तूने...... जबकि...तूने कहा था...कि... .....कुछ भी नहीं पूरा बिन तेरे       बिन तेरे जीवन मेरा आधा       बेशक, म���ं थोड़ी सी तुझमे       पर ,मुझमें तू "रब" से भी ज्यादा  .....फिर क्या हुआ तेरा वादा... A promise once made with the soul… A love that lived in every breath… And a silence that broke everything. 'Tera Vada' is a story of faith, love, and the pain of being forgotten.
Tujhe bhulna to chaha
2026/01/15
सिखाया वक़्त ने जीना  सब्र और गम को भी पीना  मगर जहाँ भी जिक्र तेरा आया  वहां हम सब लुटा आये  तुझे भूलना तो चाहा  लेकिन भुला ना पाए...... Some memories don't fade with time. Some names stay, even when people leave. This episode is for everyone who tried to forget… and couldn't.
first love at first sight
2026/01/05
मेहरबां हुआ वक़्त और हसरतें भी  लम्हा लम्हा चाहतों में टूटी सरहदें भी  रतजगों में बीती ना जाने कितनी रातें  दिन के उजालों में बेहिसाब बातेँ  बातेँ करार की और इक़रार की  पहली नजर के पहले प्यार की....
silsila pyaar ka (New Year's special)
2025/12/29
क्या हुआ जो इस बरस भी आरजू ए मोहब्बत पूरी ना हो सकी .... क्या हुआ जो दरमियाँ उसके और तुम्हारे खत्म दूरी ना हो सकी ... इश्क़ तो है ना तुम्हें उससे और उम्मीदे वफा भी... इसलिए सब्र करो वो दौर भी आयेगा... जब होगा मेहरबां वक़्त भी और महबूब भी दौड़ा चला आयेगा... इसलिए ना हो उदास, ना डूबो गम के अँधेरों में... ये मिजाज ए हुस्न है पल पल बदलता रहेगा,  ये सिलसिला है प्यार का चलता रहेगा....
Teri marzi
2025/12/28
वो लम्हे जो दर्द थे तेरा  वो लम्हे जो फर्ज थे मेरा  निभाये जो आँसुओं की धार में  वो लम्हे जो मुझपे कर्ज़ थे तेरा.... मगर कह के एहसां , जता दिया तूने  अपनों की फ़ेहरिस्त से हटा दिया तूने   हुस्न और इश्क़ की जद्दोजहद में  मैं गैर हूँ तल्ख लहजे में बता दिया तूने... फिर भी मैं दहकता रहा उसी आग में  गाता रहा तुझी को ग़मों के साज़ में  घुटता रहा- मरता रहा- रहा फिर भी जिंदा  पुकारता ही रहा दिल की हर आवाज में  मगर तूने नहीं समझी  मेरी चाहत मेरी मर्जी  गुरूर ए हुस्न में अपने  सुनी ना दिल की एक अर्जी  तेरी मर्जी...तेरी मर्जी...तेरी मर्ज़ी       
Tumhara Intezar
2025/12/11
कहते हैं कि वक़्त आदतन चीजों को संयमित कर देता है , मगर इंतजार...जो प्यार में होता है किसी का, वह अपनी जगह ढीठ बना रहता है, शून्य और अनंत के बीच फैले रिक्त स्थानो में...यह सोच कर कि तुम आओगी और पढ़़ोगी मेरी आँखों में लिखी वो सारी प्रार्थनाएं, जो ईश्वर से करता रहता हूँ मौन की डोर पकड़ कर...इस ख्याल से भी कि किसी तरह दिल बहल जाये, इन्तज़ार के पल ढल जायें, करार रातों के बेक़रारी में बदल जायें, जादू प्रेम का मेरे तुम्हारे ना आने की जिद पे कुछ यूँ चल जाये..कि ना चाह कर भी तुम पुकार लो मुझे...कि तुम ही से प्यार है...तुम्हारा इंतजार है....
Mai aur meri tanhai
2025/12/04
तेरी यादों में जलकर ये अहसास हुआ कि आग हो या प्यास...पानी से नहीं बुझती.... इसलिए ...मैं और मेरी तन्हाई...अक्सर ये बातेँ करते हैं कि... तुम होतीं ... तो कभी आँखों से पीते, कभी लबों से पीते... पैमाने मोहब्बतों वाले... हर ज़ाम में तेरी प्यास होती, हर घूंट में तेरी खुशबू  हम घूंट- घूंट पीते पैमाने...  मोहब्बतों वाले..... तुम होतीं... तो हर रात ये चांद भी मुस्कुराता, हम पे चाँदनी लुटाता  हर सुबह होता जिक्र हर गुज़री रात का  हर जज्ब हममे ढल जाता... तुम होतीं..तो हवाएं भी हंसती  फिज़ायें कदमों की आहट से बजतीं हर मौसम तुम्हारे इशारों पे ठहर जाता  और आलम-ए- तन्हाई मुक्कमल हो जाता  तुम होतीं..तो मेरे मन के सागर में ना जाने कितनी रंगीनियाँ होतीं... जीवन में सिर्फ़ रोशनियां होतीं... लबों पे सिर्फ़ प्यार ही प्यार होता  नयनों में सरगोशियां होतीं.. तुम होतीं...तो मेरे शब्दों को अर्थ मिल गये होते  मुरझाए गुल भी खिल गये होते... ...मैं और मेरी तन्हाई..अक्सर ऐसी ही बातेँ करते हैं.. ...दिन हो या रात...तुम्हारी ही राह तकते हैं...    
Gum hai kisi ke pyar mein
2025/10/30
सुनो...लौट आओगी क्या पुनः  मिलकर वही कहानी दोहराओगी क्या पुनः  वैसी ही हसीन शामों में प्यार के वैसे ही नगमें गुनगुनाओगी क्या पुनः  लहरा के आंचल वो मोहब्बतों वाले  फैलाके दामन वो शिद्दतों वाले  रातों में नींद से जगाओगी क्या पुनः  जानती हो... ये आंखे तरसती हैं आज भी तुम्हारे ही इंतजार में  ये दिल ये पागल दिल मेरा  आज भी गुम है तुम्हारे ही प्यार में...
ISHQ : ek kashish - ek khalish
2025/10/09
Tu hi subaha thi, tu hi shaam thi  har raat k hr lamhe ka armaan thi  aati jati hr saans me teri aahten thi  do pal ki baaton me badi raahten thi  teri dil nawaji ka mujhe bada guman tha  Jism tha,  aag thi, hr chhuan me ek dhuaan tha  Ishq k mausam me Ishq jawaan tha  Vo subha vo shaam...raaton k vo haseen armaan  Vo husn murtaza vo lafz bejubaan  Vo chhuan vo dhuan vo kashish vo tapish... tumhe haasil na kr pane vo khalish  aaj bhi yaad hai mujhe...
Tumhare jane ke bad...
2025/10/02
Tumhare jane k bad... Maine jana...ki  prano k rahte hue bhi mrat ho jana.....kiya hota hai  Jab chali gai tum mukt hokar iss jahan se...tab... tab maine jana ...ki  jism se jaan ka chale jana...fir bhi jinda rahne ka abhinaya karna....kiya hota hai.. Yah sb maine jana... Tumhare jane k bad...
SAIYAARA.... I love for ever - I love end ever
2025/09/17
तू मुझमें और मैं तुझमे हूँ  ख्वाब मेरा तू - मैं उसमें हूँ  वादों में हूँ - इरादों में हूँ  तू क्या जाने - किस किस में हूँ  कब मिलेंगे - कहाँ मिलेंगे  वक़्त का पहिया घूम रहा है  दूर गगन में - अपनी मगन में  दिल....SAIYAARA ....ढूँढ़ रहा है ...I
The Madness of Your Betrayal
2025/09/12
उल्फत की बातेँ जन्मों के वादे वो रस्में वो कसमें और जन्नत सी रातें कितने जवां और कितने थे पक्के पत्थर की मानिंद तेरे इरादे फिर भी तूने जुल्म ये ढाया क्यूँ बेवफा मुझे इतना रुलाया मोहब्बत थी या फिर आवारगी थी कैसी वो तेरी दीवानगी थी कैसी वो तेरी दीवानगी थी........
Chalo ek baar fir se...
2025/08/28
यह कोमल और चंचल मन मेरा, उससे दूर नहीं जाना चाहता, नजरों में बसा कर रखना चाहता है..बाहों के दरमियाँ ना सही..वो करीब से गुजर जाये.. बस. ऐसी अजनबी मुलाकातों में ही सही..। ना दर्द हो..ना गम हो ना बोझ हो इस दिल पर कोई राहे मोहब्बत में मुश्किलों के चलते.. गर हो छोड़ना.तो एक खूबसूरत सा मोड़ हो कोई
Vo...Alfaz...जो तुम तक ना पहुंचे
2025/08/21
कभी तेरे नैनों पे लिखा तो कभी नैनों के मोतियों पे लिखा कभी तेरे मासूम चेहरे पे लिखा तो कभी चेहरे की मासूमियत वाली बातों पे लिखा कभी इश्क़-ए - मिजाजी पे लिखा तेरी तो कभी इश्क़-ए-दगाबाजी पे लिखा कभी ग़ज़ल लिखी कभी गीत लिखा तो कभी खत-ए-मोहब्बत लिखा
tumhe...barish bada yaad karti hain
2025/07/10
Janti ho.... Tumhare bagair  mausam ki fizayen bhi Garjate badal - Barishen  aur...purva hawayen bhi  Mera sath dene se darti hain  Aa jao ab to janam  Ye...BARISHEN ... tumhe bada yaad karti hain....

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