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Storian Hindi

Advertise on podcast: Storian Hindi

Categories
Country
India
This podcast has
20 episodes
Language
Hindi
Explicit
No
Date created
2020/03/25
Latest episode
2022/06/19
Average duration
10 min.
Release period
27 days

Description

The Storian यानि कथाकार के दुनिया में आपका स्वागत है | यहाँ आप पाएंगे 1. कहानियाँ -- भारत के महग्रन्थों से, विश्वसाहित्य से , इतिहास से, वर्तमान से, भविष्य से, कल्पनाओं से 2. कथाओं की लघु कथाएं, विश्लेषण 3.कथा से जुड़े कथाकारों, संपादकों, प्रकासकों से बातचीत

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पिता और पुत्र (कविता)
2022/06/19
आज पिता दिवस के अवसर कुछ अनुभूति एक कविता के रूप में प्रगट हुआ। ये मेरे पापा के विषय में है पर कदाचित इसमें आपको अपने पिता की झलक भी मिल जाए और आप भी मेरे शब्दों में आपनी स्वयं की अभिव्यक्ति को ढूंढ पाएं।  आपके विचार आपके शब्द में हम तक अवश्य बताएं। 
युद्ध
2022/03/01
आज जब विश्व एक युद्ध के दौर से गुजर रहा है और हम दूर से बैठ रक्तपात का तमाशा देख रहे हैं तो युद्ध और आपनी नीति का विश्लेषण करने के क्रम में  इस कविता का जन्म हुआ। 
शिव का आवाहन (कविता)
2022/03/01
आज के युद्ध की स्थिति  और भारत के परिस्थिति को देखते हुए देवधिदेव शिव को एक आवाहन। 
शिवरात्री व शिकारी
2022/03/01
शिवरात्री व शिकारी की बहुचर्चित कहानी पर पुनर्विचार। 
दिव्यास्त्र का वो असली स्वरूप जिसे आपको किसी ने बताया नहीं
2022/02/14
आज के कथाकार, चाहे वो उपन्यासकार हों अथवा टीवी धारावाहिक व सिनेमा के निर्देशक, कदाचित दिव्यास्त्र के महत्ता को समझ ही न सके। उनकी माने तो पौराणिक काल के  दिव्यास्त्र आज के पक्षेपास्त्र अथवा परमाणु अस्त्रों के आद्य सवरूप रहे थे, या किसी विशेष प्रकार के रसायनयुक्त तीर या कोई जादुई अस्त्र जो धनुष की प्रत्यंचा खींचने मात्र से प्रगट हो जाती थी। वस्तुतः ये सारी कल्पनाएं सिरे से ही निराधार हैं और प्राचीन  प्रामाणिक संदर्भों से मेल नहीं खाते  हैं। दिव्यास्त्र आज के आयुधों की भांति रसायन या भौतिक उर्जा से परिपूर्ण कोई विनाश-मृत्यु के औजार नहीं थे, दिव्य थे, चेतन थे, सूक्ष्म थे। उनकी महत्ता विनाश की परिधि बढ़ाने में नहीं कम करने में थी। महाभारत के युद्ध के उपरांत भय  वो क्रोध से भरे अश्वाथामा ब्रह्मास्त्र का संधान करते हैं। उनका लक्ष्य होता है देवी उत्तरा के गर्भ में पोषित हो रहा एक शिशु। ध्यान दें सम्पूर्ण पांडव शिविर नहीं, उत्तरा भी नहीं, उसकी गर्भ में पल रहा शिशु मात्र! और उस वक्त अश्वथामा वहाँ से कोसों दूर था। क्या आज के कोई भी अस्त्र ऐसा करतब दिखला सकते हैं? भयानक विनाश नहीं, एक अति सूक्ष्म नियंत्रित संधान? आइए समझने की कोशिश करते हैं दिव्यास्त्र का वो वास्तविक स्वरूप जो आजके ज्यादातर कथाकार की कल्पना से छूट गया। इस स्वरूप के बारे में और अधिक जानने के लिए पढ़ें https://thelostepic.com/amazon   #The Mahabharata Project #Mahabharata #Divyastra #महाभारत #दिव्यास्त्र #महाभारत-प्रोजेक्ट #stroian 
महाभारत: द्रौपदी स्वयंवर भाग २: प्रथम अर्जुन कर्ण युद्ध
2022/02/14
पिछले भाग में ...  महाभारत — द्रौपदी स्वयंवर भाग १ — क्या द्रौपदी ने कर्ण को अपमानित किया था? द्रौपदी स्वयंवर के पहले भाग में हमने चर्चा की उस बहुचर्चित भ्रांति पर जिसमे कहा जाता है कि द्रौपदी ने कर्ण को स्वयंवर में भाग लेने से मना कर दिया था। ये बहुचर्चित घटना जिसका वर्णन आज के ज्यादातर समकालीन रचनाओं में होता है, उसे विद्वानों ने संदर्भ समीक्षा द्वारा खारिज कर दिया है और सिद्ध किया है कि ये संभव था ही नहीं।  इस भाग में ...  अर्जुन द्वारा द्रौपदी स्वयंवर को विजित कर लिए जाने के पश्चयात, अपने असफलताओ से तिलमिलाए राजपुरुषों ने तय किया कि वो द्रौपदी को जीवित ही अग्निकुंड में फेंक देंगे। जब कर्ण सहित अन्य राजाओं ने आक्रमण का उपक्रम किया तो बढ़ कर अर्जुन और भीमसेन ने उनका सामना किया और यही पृष्ठभूमि बनी प्रथम अर्जुन-कर्ण द्वंद्वयुद्ध का।  इस भाग में हम चर्चा करेंगे इसी भीषण युद्ध पर | मूल विषयवस्तु  महाभारत , कथाकार , महाभारत-प्रोजेक्ट , द्रौपदी , कर्ण , अर्जुन , द्रौपदी  स्वयंवर, Mahabharata, Indian Epic, Karna, Arjuna, Draupadi, Draupadi's Swyamvar
गाँधी अवध्य
2022/01/30
गाँधी जी की पुण्यतिथि पर उनको समर्पित कुछ पंक्तियाँ 
शक्ति (कविता)
2021/11/05
आदि शक्ति को समर्पित एक कविता 
चलो दिया जलाएं (Let us light the light)
2021/11/04
चलो दिया जलाएं, दीपावली के दिया एक महत्ता पर आधारित मेरी एक कविता 
अपने अपने राम!
2021/10/15
अपने अपने राम, एक कविता श्री राम को समर्पित 
गाँधी एक विचार
2021/10/02
राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के जन्मदिवस के अवसर पर प्रस्तुत है मेरी एक रचना। आज का भारतीय,  सोशल मीडिया पर फैले अनेक प्रपंचों और अनर्गल दुष्प्रचार के कारण अनेक भ्रांतियों का शिकार हो चुका है। सम्पूर्ण विश्व जहाँ आज गाँधीजी को भावपूर्ण श्रद्धानाजली दे रहा है, हम में से अनेक, भ्रमजाल में उलझ उनकी आलोचना में व्यस्त हैं। इस अभिव्यक्ति के जरिए मेरी कोशिश है कि हम भारत को उस काल के परिपेक्ष को  समझें और फिर गाँधीजी के कृत्यों की समीक्षा करें। गाँधी का वह विराट चर्तित्र जिसने विश्व के अनेकों गण्यमान विभूतियों  को आकृष्ट किया है, उनके बहुमुखी आयामों को एक द्वारा व्यक्त किया जाना संभव ही नहीं है। मेरे लिए तो कदापि नहीं। आज की इस अभिव्यक्ति में हम चर्चा करेंगे गाँधी जी के दक्षिण अफ्रीका से वापस आने के भारत पर व उनके असहयोग आंदोलन पर। तो प्रस्तुत है मेरी रचना
कृष्णा आएगा (Krishna will come)
2021/08/30
कृष्ण को मित्रवत मानते हुए मेरी इस रचना एक  घोषणा है --- कृष्णा आएगा। मेरी इस घोषणा का आधार है कृष्ण की गीता में की गई घोषणा।  आप सुने और आपनी प्रतिक्रिया दें। उसका हमें इंतजार रहेगा।  #krishna #janmastmi #mahabharata #draupadi #arjuna #कृष्ण #कृष्णा #महाभारत #कविता #poetry 

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